हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अमेरिका में सऊदी अरब के पूर्व राजदूत तुर्की अल-फैसल ने अशरक अल-औसत में प्रकाशित अपने एक लेख में कहा है कि सऊदी अरब ने क्षेत्र को एक विनाशकारी युद्ध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने युद्ध को रोकने के लिए भरपूर प्रयास किए और इस विवाद को समाप्त करने तथा राजनयिक समाधान खोजने के लिए भी निरंतर कदम उठाए ताकि क्षेत्र को और अधिक तनाव से बचाया जा सके।
तुर्की अल-फैसल ने कहा कि अगर इज़राईल शासन का ईरान और सऊदी अरब के बीच युद्ध भड़काने की योजना सफल हो जाती, तो पूरा क्षेत्र तबाही और बर्बादी की चपेट में आ जाता और हजारों लोग एक ऐसे युद्ध में मारे जाते जिसमें हमारी कोई भूमिका नहीं थी, जबकि तेल अवीव क्षेत्र पर अपनी इच्छा थोपने में सफल हो जाता।
उन्होंने अपने लेख में आगे लिखा कि अगर सऊदी अरब ईरान के हमलों का उसी अंदाज में जवाब देता, तो इस युद्ध के परिणामस्वरूप फारस की खाड़ी के तटों पर स्थित सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठान, वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट और यहां तक कि देश के आंतरिक इलाकों में मौजूद महत्वपूर्ण केंद्र भी तबाह हो सकते थे।
तुर्की अल फैसल ने आगे कहा कि सऊदी अरब पाकिस्तान के साथ मिलकर युद्ध की आग को ठंडा करने और तनाव में वृद्धि को रोकने के प्रयासों में व्यस्त है।
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